-
563
छात्र -
504
छात्राएं -
38
कर्मचारीशैक्षिक: 35
गैर-शैक्षिक: 7
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
वर्तमान में, केन्द्रीय विद्यालय डीआईईटी के सामने, अबोहर-श्रीगंगानगर बाईपास रोड हनुमानगढ़ जंक्शन, हनुमानगढ़ के सामने स्थायी भवन में संचालित है।.
केन्द्रीय विद्यालय, हनुमानगढ़ अप्रैल 2015 में राजस्थान राज्य के सिविल सेवकों के बच्चों की शैक्षिक...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैनिक कर्मियों सहित केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए ...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैनिक कर्मियों सहित केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना, उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री संजीत कुमार , उप आयुक्त
विज्ञान एवं तकनीक के वर्तमान परिवेश में केन्द्रीय विद्यालय संगठन अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्शा रहा है। उसकी यह निरंतरता व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास का मार्ग प्रशस्त कर उसे समग्रता की ओर उन्मुख करती है। केन्द्रीय विद्यालयों की शिक्षा उदारता से अनुप्राणित, ज्ञान की गहराई, चरित्र की संस्कृति एवं व्यक्तित्व की पूर्णता का अद्भुत सम्मिश्रण है। केन्द्रीय विद्यालयों ने विद्यार्थियों हेतु विविध क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं एवं उत्कृष्टता साबित करने हेतु अनेकानेक अवसर प्रदान करने में अग्रणी पहल की है। विद्यार्थी इन विविध गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त कर आत्मविश्वास से सराबोर रहता है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी सकारात्मक सोच, अप्रतिम कर्तव्यनिष्ठता, आस्था एवं लगन से प्रत्येक कार्य को तन्मयता से कर अपनी कर्म निष्ठता का परिचय देते हैं साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम की नवीनतम तकनीक से भी अद्यतन रहते हैं। पल पल बदलते विशिष्ट क्षेत्रों को शिक्षा जगत से जोड़ना और अपने विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन के अनेकानेक सोपानो पर आरोहण करना व लक्ष्य प्राप्ति हेतु सतत प्रयास करना हमारा उद्देश्य है। मैं हृदय के अंतः स्थल से जयपुर संभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षिक एवं गैर शैक्षिक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सतत प्रयासों के लिए साधुवाद देता हूँ जो प्रत्येक क्रियाकलाप को आगे बढ़ाने में अपनी महत्ती भूमिका निभा रहे हैं। आपके सहयोग से यह प्रयास अवश्य सफलीभूत होगा तथा सही दिशा में अवस्थित हो सकेगा ऐसा मेरा विश्वास है। ईश्वर हमें शक्ति दे कि हम अपनी एकनिष्ठता व सार्थक ऊष्मा से आप्लावित हो समाज को श्रेष्ठतम दे सकें।
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आर. सी. देहडू
प्राचार्य
केंद्रीय विद्यालय संगठन एक गतिशील और प्रगतिशील स्वायत्त शैक्षणिक उपक्रम है जिसका उद्देश्य शिक्षार्थियों को उत्कृष्ट मूल्यों और अनुशासित वातावरण के मापदंडों के अंतर्गत देखभाल करते हुए सर्वोत्तम संभव शिक्षा प्रदान करना है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियोमें सेवा भावना , नेतृत्व क्षमता औरसमाज के अन्य क्षेत्रों में अपनी क्षमता के पूर्ण विकास का अवसर प्रदान करना है ताकि वेसमाज में अपना उपयुक्त स्थान बनाकर आधुनिक दुनिया में सफल हो सकें। केन्द्रीय विद्यालय, हनुमानगढ़अपने विद्यार्थियो के उत्कृष्टभविष्य निर्माण मे अपनी महती भूमिका निभा रहा है। हालांकि शैक्षणिककार्यक्रमविद्यालयकाकेंद्रीयस्तंभहै, फिर भी हमपाठ्यक्र्म सहगामी गतिविधियो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने हेतु विद्यार्थियो को निरंतर प्रेरित करते रहते है। केंद्रीय विद्यालय हनुमानगढ़ के प्राचार्य के रूप में, मुझे खुशी है कि विद्यालय के मूल्य मेरे अपने व्यक्तिगत मूल्यों के साथ संरेखित है, जिसमें विश्वास, सम्मान, नवाचार और सामुदायिक भावना शामिल है। मुझे ज्ञात है कि विगत कुछ वर्षों में विद्यालय का विकास द्रुतगति से हो रहा है। विद्यालयका पाठ्यक्रम विद्यार्थियोके लिए ज्ञान ,समझ ,गहन सोच ,समस्या समाधान कि योग्यता विकसित करने पर बल देता है।साथ ही विद्यार्थियो की कल्पना एवम सोच विकसित करने के लिए एक विस्तृत अवसर प्रदान करता है। हम मानते हैं कि प्रत्येक विद्यार्थी को पोषित और विकसित करना एक शिक्षक के रूप में हमारा परम दायित्व है। विविधता पूर्ण समुदाय कि सराहना ,वैश्विक नागरिक बनकर दूसरों कि देखभाल ,पर्यावरण के प्रति चिंता एवं सक्रिय सम्मान विकसित करने के लिए विद्यार्थियो को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
चीजों का अन्वेषण करें
शैक्षणिक योजनाकार
विद्यालय की एक शैक्षणिक योजना है और योजना के अनुसार विभिन्न गतिविधियाँ की जा रही हैं।
शैक्षिक परिणाम
विद्यालय उत्कृष्ट परिणाम के लिए निरंतर प्रयासरत है।
बाल वाटिका
विद्यालय में बालवाटिका 1, बालवाटिका 2 तथा बालवाटिका 3 में एक अनुभाग चल रहा है।
निपुण लक्ष्य
एनईपी 2020 के अनुसार, “शिक्षा प्रणाली की सर्वोच्च प्राथमिकता 2025 तक प्राथमिक विद्यालय में सार्वभौमिक मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता हासिल करना होगी।
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
अध्ययन सामग्री
केवीएस द्वारा अध्ययन सामग्री तैयार कर छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है।
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
केवीएस द्वारा शिक्षकों के लिए विभिन्न कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विद्यार्थी परिषद
विद्यालय में विद्यार्थी परिषद का गठन किया गया है।
अपने स्कूल को जानें
केन्द्रीय विद्यालय, हनुमानगढ़ अप्रैल 2015 में खोला गया था
अटल टिंकरिंग लैब
अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं का उद्देश्य युवा मन में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना है; और डिजाइन मानसिकता, कम्प्यूटेशनल सोच, अनुकूली शिक्षा, भौतिक कंप्यूटिंग आदि जैसे कौशल विकसित करना।
डिजिटल भाषा लैब
विद्यालय भाषा प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना बना रहा है।
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा के लिए विद्यालय में 2 कंप्यूटर लैब हैं।
पुस्तकालय
इस विद्यालय में अच्छी तरह से सुसज्जित पुस्तकालय है, सॉफ्टवेयर का उपयोग करके छात्रों को किताबें जारी की जा रही हैं।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
विद्यालय में सीबीएसई मानदंडों के अनुसार सभी आवश्यक उपकरणों के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान प्रयोगशालाएं अच्छी तरह से सुसज्जित हैं।
भवन एवं बाला पहल
विद्यालय भवन का उपयोग छात्रों में कौशल विकसित करने के लिए अच्छी आदतों, विचारों, कहानियों, प्रेरक विचारों आदि को प्रदर्शित करने के लिए भी किया जाता है।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल मैदान में विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं
एसओपी/एनडीएमए
विद्यालय में एसओपी और एक समिति है
खेल
विद्यालय में खेल सुविधा है, छात्र खेल/खेल अवधि के दौरान खेलते हैं। रीजनल व राष्ट्रीय खेलकूद में विद्यार्थी नियमित भाग लेते है
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
विद्यालय में एनसीसी , स्काउट गाइड इकाई कार्यरत है तथा विद्यालय में अनेक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं
शिक्षा भ्रमण
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया
ओलम्पियाड
छात्र विभिन्न ओलंपियाड में भाग लेते हैं
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
छात्र नियमित रूप से विभिन्न आयोजनों में भाग लेते हैं और स्थान प्राप्त करते हैं
एक भारत श्रेष्ठ भारत
छात्र ईबीएसबी में भाग लेते हैं
हस्तकला या शिल्पकला
छात्र कला एवं शिल्प गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
मजेदार दिन
प्रत्येक शनिवार को विद्यालय में अनेक मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है
युवा संसद
विद्यालय के आगामी सत्र में युवा संसद में भाग लेने की संभावना है।
पीएम श्री स्कूल
यह विद्यालय एक पीएम श्री स्कूल है औरपीएम श्री स्कूल बनने के बाद विद्यालय में बहुत सारे बदलाव हुए हैं
कौशल शिक्षा
बहुत सारी कौशल शिक्षा गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं
मार्गदर्शन एवं परामर्श
मार्गदर्शन के लिए नियमित रूप से सत्र लिए जा रहे हैं
सामाजिक सहभागिता
विद्यालय नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेता है।
विद्यांजलि
विद्यांजलि एक पहल है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों में सामुदायिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से स्कूलों को मजबूत करना है।
प्रकाशन
समय-समय पर समाचार पत्र एवं पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है
समाचार पत्र
विद्यालय नियमित रूप से समाचार पत्र प्रकाशित करता है।
विद्यालय पत्रिका
विद्यालय पत्रिका विद्यालय का दर्पण है, हम इसे प्रत्येक सत्र में प्रकाशित करते हैं।
देखें क्या हो रहा है ?
क्रियाकलाप में विद्यार्थी
विद्यार्थी कला कार्य
विद्यालय में "एक पेड़ माँ के नाम पर " अभियान के तहत अनेकपेड़ लगाए गए
विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों व अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के बारे में बताया गया
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
छात्र सक्रियता
विद्यार्थी नवाचार
विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2022-23
उपस्थित 42 उत्तीर्ण 42
सत्र 2023-24
उपस्थित 54 उत्तीर्ण 54
सत्र 2024-25
उपस्थित 74 उत्तीर्ण 74
सत्र 2025-26
उपस्थित 71 उत्तीर्ण 71
सत्र 2022-23
उपस्थित 39 उत्तीर्ण 34
सत्र 2023-24
उपस्थित 20 उत्तीर्ण 20
सत्र 2024-25
उपस्थित 20 उत्तीर्ण 20
सत्र 2025-26
उपस्थित 25 उत्तीर्ण 25